"ऋग्वेदः सूक्तं १०.८५" इत्यस्य संस्करणे भेदः

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*१०.८५.४० तु. - [https://sa.wikisource.org/s/mxj भविष्यपुराणम् १.१८२.३१]
{{टिप्पणी|
१०.८५.९-१२
 
[http://vedastudy.tripod.com/pur_index25/pva9.htm रथोपरि पौराणिकसंदर्भाः]
 
[http://vedastudy.tripod.com/pur_index25/ratha.htm रथोपरि टिप्पणी]
 
[https://5da2e8952caa4.site123.me/ रथोपरि शोधलेखः]
 
१०.८५.४०
 
*१०.८५.४० तु. - [https://sa.wikisource.org/s/mxj भविष्यपुराणम् १.१८२.३१]
 
यदा तु वाग्भवत्येषा सूर्यामुं लोकमाश्रिता ।
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वटसावित्री उपरि [http://puranastudy.onlinewebshop.net/pur_index29/vata_savitri.htm टिप्पणी]
 
}}
 
{{ऋग्वेदः मण्डल १०}}
"https://sa.wikisource.org/wiki/ऋग्वेदः_सूक्तं_१०.८५" इत्यस्माद् प्रतिप्राप्तम्