पृष्ठम्:श्रीपाञ्चरात्ररक्षा.djvu/२५४

पुटमेतत् सुपुष्टितम्

सङ्केताक्षराणां विवरणसूची १८९ पा र–श्रीपाञ्चरात्ररक्षा याज्ञ-याज्ञवल्क्य पार स-पारमेश्वरसहिता (प्र–प्रतिष्ठा-ध्याय, प्रा-प्रायश्चित्ताध्याय स्व-स्वयव्यक्तनिर्णाध्याय यो या-योगयाज्ञवल्क्य र आ-रहस्याम्नाय रा-श्रीरामानुज (श्रीभाष्यकार) पा स-पाद्मसहिता (च-चर्यापाद) रामा-श्रीमद्रामायणम् (अ—अयोध्याकाण्ड , सु-सुन्दरकाण्ड ) पि-पितामह पि स्मृ-पितामहस्मृति व-वङ्गिवशेश्वर , (तस्य कारिका च) पु - पुराणसारसमुच्चय (बो-बोधायनीय ) व पु-वराहपुराणम् पू-पूर्वश्रव वा स्वा-वासुदेवस्वामी पू मी–पूर्वमीमांसा वि-विज्ञानेश्वर वि ध-विष्णुधर्म. (शौनकीय) प्र- प्रह्माद वि पु-श्रीविष्णुपुराणम् प्र र–प्रयोगपद्धतिरत्नावली

वि स–श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम्

ब-बलदेवाचार्य वि स्मृ-विष्णुस्मृति बा-बादरायण वृ वा-वृद्धवासिष्ठस्मृति बार्ह-बार्हस्पत्यस्मृति वै—वैखानसम् (वैखानससूत्रम् ) बो अ-बोधायनीयाष्टाक्षरविधि बो पु-बोधायनीयपुराणसारसमुचय वे शा-वैखानसशास्त्रम् बो स्मृ—बोधायनस्मृति व्या-व्यास (पाराशर्य) भ गी-भगवद्गीता व्या स्मृ-व्यासस्मृति भ नि–पराशरभट्टस्य नित्यग्रन्थ (भट्टारक) श ग-शरणागतिगद्यम् भू-भृगु (भृगुसहिता, भार्गवसहिता) शा मी-शारीरकमीमांसा भो-भोजराज शा स्मृ-शाण्डिल्यस्मृति म- मनु शौ–शौनक म भा–महाभारतम् (आ–आदि, आश्व-आश्वमेधिकम्, आनु-आनुशासनिकम्,आर-आरण्य, उ-उद्योग, भी–भीष्म , शा-शान्ति , स-सम्भव)

शौ सू-शौनकीयसूत्रम्
श्री कृ-श्रीकृष्णमुनि
श्री ध-श्रीवैष्णवधर्मशास्त्रम्
श्री भा-श्रीभाष्यम्

य स-यतिवर्मसमुचय श्री भाग-श्रीभागवतम् या-श्रीयामुनाचार्य श्री व-श्रीवत्साङ्कमिश्र