पृष्ठम्:संस्कृत-हिन्दी शब्दकोशः (चतुर्वेदी).djvu/५७०

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मसित प्रसित (व० ० ) १ वभा हुआ बसा हुआ। २ अनुरत | संलग्न | लगा हुआ । ३ अभिलषित: प्रसितं ( न० ) पीच | मवाद | प्रसितिः (स्त्री०) १ जाल २ पट्टी ३ बंधन | बेड़ी। 1 ( 453 ) प्रसिद्ध ( ० ० ) १ विण्यात मशहूर | २ सा हुआ। सँवारा हुआ। लड़का प्रसिद्धिः ( स्त्री० ) १ ख्याति । कीर्ति । २ सफलता || मतं ( ० ) हथेली पर का मान ( यह पु० भी है।) प्रसूतः ( पु० ) हाथ की हथेली या अंगुलि परिपूर्णता याभूषण सजावट। प्रसीदिका ( स्त्री० ) वाटिका । फुलबगिया । प्रसुप्त (व० ० ) १ निति | सोया हुआ । २ [ बीमारी | अगाइनिद्रित | प्रसुप्तिः ( स्खी० ) १ निद्रा नींद २ लकवे की प्रसू (वि० ) जनने वाली। उत्पन्न करने वाली (स्त्री०) १ माता | जननी २ घोड़ी ३ फैलने वाली लता या बेल | ४ केजा। 1 प्रसूका ( श्री० ) घोड़ी। प्रसूत (च० ० ) उत्पन्न | सञ्जाल पैदा । प्रसूतं ( न० ) १ फूल । २ उत्पादक। प्रसूता (स्त्री० ) जया स्त्री प्रसूतिः ( स्त्री० ) १ प्रस्व | अनन। २ उज्भव | ३ | प्रसेवकः बहुदा जनमा | ४ घंटे देना।२ उत्पत्ति | पैदायश ६ निकलना। यदना |७ पैदावार अपत्य | सन्तति । ३ उत्पन्न करने वाला पैदा करने वाला। १० माता । प्रसुतिजं (न०) वह दर्द जो बच्चा जनते समय होता है। प्रसूतिवायु: ( पु० ) वह वायु जो बच्चा जनते समय गर्भाशय में उत्पन्न होता है। प्रसूतिका (स्त्री० ) बच्चा स्त्री। वह स्त्री जिसके हाल में बच्चा हुआ हो। प्रसून (व० कृ० ) उत्पन्न हुआ। पैदा हुआ। मसुनम् ( न० ) १ फूल पुष्प २ कली ३ फल प्रसूनकं ( न० ) १ फूल | २ को 1

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प्रस्तर. प्रसूनवर्पः (पु० ) फूलों की वर्ण । मत्त ( ० ० ) आगे बढ़ा हुआ २ पड़ारा हुआ वाया हुआ। ३ छाया हुआ | विदा हुआ। ४ लंचा दीर्घ २ लगा हुआ | ६ तेज | फुर्तीला | सुशील विनय-अं ( ० ) निका 2 असूनइपुः प्रसूनबाणः मसूनवायः ( पु० ) कामदेव के नामान्तर प्रसृता (स्त्री० ) टाँग प्रसूतिः (स्त्री० ) ३ हथेली पस्सा का मान । सूर ( ० ० ) पृथक किया हुआ पसारे हुए। (स्त्री) एक अंगुली पलारे हुए। प्रसृत्वर (वि० ) चारों ओर फैलने वाला। प्रसूमर (चि० ) चूने बाजा उपकने वाला। 1 वृद्धि | यड़ती २ महाव अन्जुलि ४ हथेली भर प्रसेकः ( पु० ) १ सेचन सिञ्चन २ छिड़काव | ३ पसेव । ४ वमन । के। प्रसेदिका (स्त्री० ) छोटी बगिया प्रसेवः । (50) १ वेोरा | थैला | २ कृप्पी | कुप्पा | ३ चीन की तूंची प्रस्कंदनं ) ( न० ) १ कपड़ | फलोंग । २ विरेचन | प्रस्कन्दनं । जुलाव | अविसार दस्तों का रोग प्रस्कन्दनः } (४० ) शिव । प्रस्कन ( ० ० ) फलोंग लगाये हुए उड़ा हुआ। २ गिरा हुआ टपका हुआ। ३ परास्त पराजित | प्रस्कन्नः ( पु० ) 1 जातिच्युत) २ पापी | नियम भङ्ग करने वाला। प्रस्कुंदः (पु० ) गोलाकार वेदी । प्ररुकुन्दः प्रस्खलनम् ( न० ) १ पतन | २ लड़खड़ाना। प्रस्तर: ( पु० ) फूलों और पत्तों की सेज | २ सेज | शय्या ३ चौरस जगह । मैदान | पत्थर | चट्टान ५ रन 1